#सेवा सिमरन सत्संग
सतगुरु मेरे सेवा सिमरन सत्संग का मोहि दान दीजै
मोहे कांव को तुम हंस करीजै
दुविधा मन की तुम हर लीजै
मोहि पापी के पाप को तुम खंडन कीजै
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू कश्मीर
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...
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