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गुरुवार, 27 अक्टूबर 2022

निजघर

 #निजघर 

मेरे माही जी

 मैं निजघर भूल बैठी 

मैं जुबां से भी झूठी, 

कर्मों से भी झूठी 

कैसे मनाऊं अपने सतगुरु माही को ।




स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 

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