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गुरुवार, 6 अक्टूबर 2022

ढोंग

भक्ति का ढोंग करता करता थक गया
कर्म काण्ड भी बन गए जाल 
अब मुझे निकट दिख रहा है
अपना मृत्यु काल ।

स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा जम्मू कश्मीर 

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