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शनिवार, 15 अक्टूबर 2022

कुसंगति

 #कुसंगति 

नासमझ कुसंगति  का न करते त्याग

बढ़ता जाता कर्मों का भार 

लगाता जाता है आत्मा को दाग 

बन गया है अब गंवार 

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 



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