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बुधवार, 12 अक्टूबर 2022

दीनदयाल

 #दीनदयाल 

दीनदयाल तेरी कृपा है अपरंपार 

मुझ घोर पापी का अब कर दो उद्धार 

तेरे नाम की मस्ती में मन हो जाए भावविभोर

खत्म कर दो बाहर के सब शोर 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा, जम्मू कश्मीर 



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