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रविवार, 30 अक्टूबर 2022

दयानिधान


#दयानिधान 

दयानिधान   कृपा करें मेरे मन के सब बंधन हरे

मुझ पापी को क्षमा करें गुरु पग की धूलि मेरे हृदय में धरे 

मन मेरे को एकाग्र करें शब्द सुरति का मेल करें

दर्शन दीदार की बख्श करें जन्म मरण का दुख हरे 


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 


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