#आओ मिलकर दीप जलाएं
आओ मिलकर प्रेम के दीप जलाएं
जीवन का अंधकार मिटाएं
सबको मिलकर रहने की सीख सिखाएं
बुराइयों को जीवन से दूर भगाएं।
प्रेम प्यार की अखंड ज्योति जगाएं
सबको दिल से गले लगाएं
बुरी भावनाओं से पीछा छुड़ाएं
सब ओर भाईचारे का माहौल बनाएं।
जीवन में आगे बढ़ने का नया कदम उठाएं
सबको साथ लेकर चलने की नई रीति अपनाएं
उजाले से अंधकार का अस्तित्व मिटाएं
आंतरिक ज्ञान से मन का अज्ञान भगाएं ।
चलो दीपावली पर प्रेम प्रीति दीप के जलाएं
मानव को मानवता की याद दिलाएं
धर्म,जात- पात के नाम पर लड़ने वालों का भ्रम दूर भगाएं
इंसा को इंसा से प्रेम करने का राह दिखाएं।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू कश्मीर
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