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रविवार, 9 अक्टूबर 2022

सतगुरु रामदास

 शीर्षक - गुरु रामदास 

सतगुरु रामदास मेरा भवसागर में पकड़ लेना हाथ

सतगुरु जी तुम हो जगत के नाथ 

घट घट की तुम जानने वाले

बेसहारा लोगों का सहारा बनने वाले 

तेरी मेहर से कौआ हंस बन जाता

तेरी रहमतों का गुणगान सृष्टि का कण कण गाता 

गुरु रामदास नाम भक्ति के दाता 

नाम भक्ति से महापापी भी मुक्ति पा जाता


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला: सांबा, जम्मू कश्मीर 

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