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बुधवार, 5 अक्टूबर 2022

हरण

 #हरण

मेरे मन के विषय विकारों का करो हरण
हे जगदीश्वर मैं तुम्हारी शरण
मेरा मिटा दो जन्म मरण
आ गया तेरी चरण शरण

स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला : सांबा,  जम्मू कश्मीर

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