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बुधवार, 20 अक्टूबर 2021

जीवन चित्रण : भगवान श्री रामचंद्र जी


#विषय - जीवन चित्रण: भगवान श्री रामचंद्र जी

प्रभु तुम ही हो तारनहार, 

सब करते तुम से प्यार, 

दुष्ट ताड़का का उद्धार किया, 

अपने चरणों में निवास दिया, 

माँ कौशल्या को तुम प्राणों से प्यारे,

 राजा दशरथ के आंखों के तारे, 

गौतम नार अहिल्या तारी, 

देव गाते आठों पहर महिमा तुम्हारी, 

दीन दुखियों को तुम ही सहारा, 

तेरे नाम से मिलता मुक्ति द्वारा, 

जात पात का भेद मिटाते, 

जूठे बेर माता शबरी के खाते, 

पिता दशरथ का वचन निभाया, 

चौदह वर्ष जीवन वन में बिताया, 

राम जी मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए, 

सबको आदर्श जीवन जीने के नए राह दिखाए, 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर







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