नमन मंच🙏🙏🙏
#गूंज क़लम की साहित्य संस्थान जम्मू कश्मीर इकाई
दिनांक - 28/10/2021 - 04/11/2021
विषय - अयोध्याधाम की दीपावली
विधा - स्वैच्छिक
अयोध्या नगरी दुल्हन सी सजाई,
वनवास पूरा करके सिया संग लौट आए दोनों भाई ।
माता कौशल्या फूली न समाई,
जब तीनों को अपनी आँखों के सामने पाई ।
भरत ने अपार ख़ुशी जताई,
जब दोनों भाई संग सिया के आने की खबर पाई ।
अयोध्या नगरी अयोध्या वासियों ने दीपों से सजाई,
सब ओर हुई रोशनाई ही रोशनाई।
राम जी के आने से अयोध्या नगरी में फिर से खुशियाँ आई,
तीनों के लौटने की देव देवियों ने आकर दी बधाई।
राम जी के अयोध्याधाम की दीपावली बहुत निराली,
राम जी के धाम से कोई न जाता खाली।
अयोध्या धाम की दीपावली राम जी के आने का स्मरण कराती,
मन तन में भक्ति रस भर जाती।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
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