शीर्षक- कलम ही देश की शक्ति का आधार
कलम ही देश की शक्ति का आधार
कवि का सत्य को सत्य लिखना देश के लिए प्यार
समाज को सत्य का दर्पण दिखाना
झूठ सत्य को सबके सामने लाना
झूठ का पर्दा मनों से हटाना
सत्य का मार्ग सबको दिखाना
कवि करता असत्य पर कलम से वार
असत्य जाता हमेशा हार
सच्चा कवि करता नही भेदभाव
चाहे जीवन में रहे सुख सुविधाओं का अभाव
किसी राजनीतिक दल से उसको नहीं प्यार
देश हित चाहना ही उसका देश के लिए प्यार।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर
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