सावन आयो रे
रिमझिम रिमझिम सावन आयो रेपिया मिलन की आस बढायो रे
अब बुझेगी प्यास अंखियन की
अब बारी पिया मिलन की आयो रे।
बिरह अग्न मोहि बहुत जलायो
सांप डसना सा दुख पायो रे
सूखे पेड़ पर जैसे हरियाली आवे
ऐसा सुख पिया मिलन से पायो रे ।
सांप डसना सा दुख पायो रे
सूखे पेड़ पर जैसे हरियाली आवे
ऐसा सुख पिया मिलन से पायो रे ।
पिया मिलन से हर्षित अंग-अंग
सतगुर संग मैं ऐसा अवसर पायो रे
सतगुर हृदय में अब बास कियो रे
ज्ञान वर्षा अब बरसायो रे ।
सतगुर संग मैं ऐसा अवसर पायो रे
सतगुर हृदय में अब बास कियो रे
ज्ञान वर्षा अब बरसायो रे ।
पीव मिलन आस अब पूरी
सतगुर मेहर का मेघ बरसायो रे
असल सावन का सुख अब पायो
पिया मिलन का अवसर अब आयो रे।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू-कश्मीर
सतगुर मेहर का मेघ बरसायो रे
असल सावन का सुख अब पायो
पिया मिलन का अवसर अब आयो रे।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू-कश्मीर
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