#भगवान परशुराम
कंधे पर धरते परशु नाम पड़ा गया परशुराम,
अपने शौर्य से चमका दिया कुल का नाम।
ऋषि जमदग्नि माता रेणुका की होनहार संतान ,
इक्कीस बार मिटाया क्षत्रियों का नामों निशान ।
ब्राहमण होकर किया योद्धा जैसा काम ,
अहंकारी क्षत्रियों का काम तमाम ।
वीरता तुम्हारी बनाती अलग सबसे पहचान ,
भगवान श्रीराम को प्रदान किया धनुष-बाण ।
बनाते सबके बिगड़े काम ,
देव देवी करते तुमको शत् शत् प्रणाम।
चिरंजीवी होने का तुम्हारे पास वरदान,
ईश्वर का करते रहते हमेशा सुमिरन ध्यान।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा , जम्मू-कश्मीर
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