सतगुरु रैदास
नाम का रंग चढा दो सतगुर रविदास
तेरे चरणों मे शीश झुकाता हूं बारंबार
ऐसी कृपा कर दो मेरी खाली झोली भर दो
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...
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