शीर्षक - भाईचारा
आओ मिलकर प्रेम प्यार के गीत गाते हैं
सबको गले लगाते हैं
भारतवर्ष की तरक्की में हाथ बांटते हैं
लोगों को बांटना वाले बुजदिलों को सबक सिखाते हैं
एकता की शक्ति से मारकर बाहर भगाते हैं
एकता की शक्ति का जलवा दिखलाते हैं
जात धर्म पर जो हमको लड़वाते है
वो ही देश को बर्बादी के कगार पर ले जाते हैं
चलों आपस में प्रेम प्यार को बढ़ाते है
देश को बांटने वाले को बाहर का रास्ता दिखाते हैं
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
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