शीर्षक- जिंदगी के गीत को गाते मुस्कराना
जिंदगी के गीत को गाते मुस्कराना
मुश्किलों को हंसकर तुम हराना
जिंदगी है गीत का तराना
सबको प्रेम प्यार का गीत है सिखाना
मन के भीतर से मैल को हटाना
मैं मेरी को छोड़ सबको गले है लगाना
हंसते हंसाते जिंदगी का पल पल बिताना
ईर्ष्या द्वेष को दिल से मिटाना
गीत गाते मन के कोमल भावों में खो जाना
कभी किसी को देना नहीं ताना
जिंदगी की क़ीमत को है सबको समझाना
समझते समझाते जिंदगी के गीत को है गाना
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
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