फ़ॉलोअर

शनिवार, 18 फ़रवरी 2023

तेरे बिना कोई सहारा नहीं बनता

 #शीर्षक - तेरे बिना कोई सहारा नहीं बनता‌ 

 तेरे बिना कोई सहारा नहीं बनता‌ 

तेरे बिना न‌ कश्ती को किनारा मिलता

तेरे हुक्म बिना न कोई पत्ता हिलता 

तेरे बिना कोई दीन दुखी की फरियाद न सुनता 

तेरे बिना जिंदगी जीने का आनंद न आता 

तेरे बिना सारा जग भवसागर में डूब जाता

तेरे जैसा मल्लाह मुझे कोई नजर न आता

तेरे नूर से ही सृष्टि का कण कण मनमोहकता पाता 

तेरे हुक्म की कार सारा ब्रह्मांड कमाता 

तेरे प्रेम स्वरूप को हर कोई समझ नहीं पाता 

तेरे अकथ स्वरूप को शब्दों में बयान नहीं कर नहीं आता

तेरे प्रेम प्यार से ही आवागमन का चक्र समाप्त हो पाता 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 
















कोई टिप्पणी नहीं:

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...