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मंगलवार, 7 फ़रवरी 2023

आओ सखी मिल प्रभु रिझाने

 #आओ सखी मिल प्रभु रिझाने चले

आओ सखी मिल प्रभु रिझाने चले 

श्वास श्वास में नाम बसाने चले

पांच विकारों को मिटाने चले 

साधसंगत में सेवा भाव जगाने चले

मैं मेरी से संग छुड़ाने चले 

संसार मोह भाव को त्यागने चले 

परमात्मा से लिव लगाने चले 

गुरसंग प्रीतम से मिलने चले 

निज देश में अपना स्थान बनाने चले 

मन के सब भ्रम जलाने चले 

काया अंदर खोजने का मार्ग सबको बतलाने चले 

मनुष्य जीवन है प्रभु सिमरन की वेला यह सीख सिखाने चले 

भूले भटके मन को स्थिरता का मार्ग दिखलाने चले 

मन की दुविधा से छुटकारा पाने चले



स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 

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