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मंगलवार, 10 जनवरी 2023

शीत लहर

#शीर्षक - शीत लहर 

शीत‌ लहर का महा प्रकोप

 दुबककर बैठ गए सारे लोग 

ठंडा ठंडा पानी सबको डराता 

हर कोई नहाने से घबराता

कपड़ों से ढका रहता हमेशा तन 

पानी से परहेज़ करने को कहता मन 

धुंध कोहरा सर्दी को बढ़ाता

सर्दी से बचने के लिए रजाई से मोह पड़ जाता 

हवा का छोटा सा झोंका भी शरीर में कंपकंपी लगाता 

सर्दी से बेहाल हो होकर चाय की बार बार चुस्कियां लगाता 

बिस्तर से उठना बहुत बड़ा काम बन जाता 

काम काज से हर कोई जी चुराता 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला सांबा, जम्मू कश्मीर 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 





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