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बुधवार, 11 जनवरी 2023

प्रीतम का देश

 #शीर्षक - मेरे प्रीतम का देश

मेरे  प्रीतम का देश , वहां होता नहीं कभी दुख क्लेश 

मिट जाते बुरे कर्मों के लेख, हो जाता महा सुख का जीवन‌ में प्रवेश 

वो है देरवेशों का दरवेश,  सबसे अलग उसका वेश 

प्रेम, प्यार उसका भोग साधु संत कहते नित रोज 

मनुष्य जन्म को सफल बनाता , सृष्टि का कण कण उसको गाता 

वो ही सबका पित और माता , सारा ब्रह्माण्ड अपने हुक्म से चलाता 

अपनी कृपा से अपने में मिलाता, पूर्ण गुरु की संगत करवाता 

शब्द सुरति  की विधि सिखाता, संसार के दुखों से मुक्ति है दिलाता 

ऐसे प्रीतम का साथ बडभागा पाता , तन मन धन से सेवा कमाता 

मनुष्य जन्म को सफल बनाता, गुरु महिमा द्वारा जन्मों जन्मों की मैल गंवाता 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 





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