#शीर्षक - हम बालक अनजान
हम बालक अनजान
तूं ही दे मालिक अच्छे बुरे का ज्ञान
मैं नादान, अल्प मति
मेरा लगता नहीं तुझे में ध्यान
मेरा मन बहुत शैतान
मुझे भूला देता है तेरा नाम
मैं जानता हूं तुम ही हो मुक्ति के धाम
स्वयं ही करवा लो अपना निज काम
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
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