#उठ चला संसार से
उठ चला संसार से , क्या कर्म कमा गया
व्यर्थ ही अपने अमूल्य श्वासों का गंवा गया
जिस करनी के लिए आया था
उसे क्यों भूला दिया
कर्म रूपी भूमि पर पापों के बीज लगा गया
जो बीजेगा बीज तैसा फल पाएगा
कर्मों के कारण जन्म मरण का चक्र, कभी खत्म ना हो पाएगा
अपनी करनी का फल तुझे बहुत रुलाएगा
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें