#मेरा मित्र प्यारा कभी ना जाता छोड
मेरा मित्र प्यारा कभी ना जाता छोड
चाहे जीवन में जैसे भी आए मोड़
तूं दाते देता मुझे जी खोल
तेरी रहमतों का कोई नहीं दे सकता मोल
सबसे मीठे लगते तेरे बोल
तेरा नाम जग में अनमोल
अंतर में बजते ढोल
तेरी बोली है अबोल
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
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