#उम्मीद कभी मत खोना
उम्मीद कभी मत खोना
चाहे आंखों से पड़े रोना
मेहनत लग्न ही है सोना
मंजिल को पाना नहीं है बच्चे का खिलौना ।
मुश्किलों ,कठिनाइयों से कभी नहीं घबराना
हमेशा अपने कदमों से आगे ही आगे बढ़ते जाना
मुसीबतों, मुश्किलों को बुलंद हौसलों से हारना
मंजिल को पाने का यही मंत्र बार बार दोहराना ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
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