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शनिवार, 7 जनवरी 2023

नाम दीवाना बना दो सतगुरु

 सतगुरु जी मैं नाम दीवाना बन गया

तेरे रंग में ऐसा रंग गया 

दुनिया के सब रंग फीके लगने लगे  

मोहमाया के बंधन स्वयं मन से हटने लगे

अपने पराए का भ्रमजाल नाश कर दिया 

अंतर में ऐसा  ज्ञान प्रकाश कर दिया 

पांच विकार अब मोहि न सतावै 

शब्द धुन में ध्यान लगावै 

कर्मों का लेखा जोखा सतगुरु आप मिटावै 

तन मन के दुख क्लेश मिटावै


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 


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