#सतगुरु मोहे दरस दिखावो
सतगुरु मोहे दरस दिखावो
प्यासी अखियन की प्यास बुझावो
कई जन्म हम पशु पंखी बन आयो
अपने कर्मों के कारण बहुत दुख पायो
अब तुम कृपादृष्टि कर मोहे उद्धारो
आवागमन का चक्र मिटाओ
सतगुरु मोहे दरस दिखावो....................
प्रीतम के देस तुम ले जाओ
सतगुरु तुम ही मेरे पथपर्दशक बन जाओ
नाम सिमरन में मेरे मन लगाओ
मन के सारे संशय मिटाओ
सतगुरु मोहे दरस दिखावो....................
भजन सिमरन में मन को टिकाओ
तूं तेरी का रटन सिखाओ
कण कण में अपना रूप दिखाओ
मन मेरे को अपना दास बनाओ
सतगुरु मोहे दरस दिखावो....................
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
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