शीर्षक - तेरा प्रीत प्यार मालिक
तेरा प्रीत प्यार मालिक मैं सदा सदा तेरे बलिहारो
मैं अवगुण को जैसे भी तूं तार
मेरे प्रीतम, तूं ही यार मेरा
लोक परलोक में सहारा तेरा
हे अगम अपार मुझ मूर्ख पर दया कर
जन्म मरण के बंधन हर
मेरे रोम रोम में सेवा भाव जागृत कर
अपने सिमरन प्रताप से मेरी भवबांधा हर
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
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