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मंगलवार, 24 जनवरी 2023

कर्मबंधन

 #शीर्षक- कर्मबंधन 

मेरे राम, कर्मबंधन दीजिए काट 

मैं दुखयारी ,मैं अवगुणयारी मेरा जन्म दीजै संवार 

मेरे राम, कर्मबंधन दीजिए काट..........................

आन सब थाह मैंने भूलाये, 

मन‌ चित में तुझे लिए बसाये 

मेरे राम, कर्मबंधन दीजिए काट..........................

पांच बैरियन से लिया छाडये

ऐसा बड़ा तेरा उपकार

मेरे राम, कर्मबंधन दीजिए काट..........................

हर श्वास में बस गया तेरा नाम 

अब लें चलो मोही अपने धाम

मेरे राम, कर्मबंधन दीजिए काट..........................

भ्रमजाल का कर दिया नाश 

सब में ओर दिखता तेरा प्रकाश 

मेरे राम, कर्मबंधन दीजिए काट.......................... 

तेरी शरण में सकल सुख पाया

सतगुरु संग मानुष चोला सफल बनाया

मेरे राम, कर्मबंधन दीजिए काट..........................


स्वरचित एवं मौलिक

   अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 


 






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