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बुधवार, 7 मई 2025

तन मन में गोपाल

 शीर्षक - तन मन में गोपाल 

 तन मन में बसा लो गोपाल, फिर मन में आता नहीं कोई सवाल 

दुनियादारी के छोड़कर जंजाल, भज ले केवल दीनदयाल 

बिन गोपाल होगा बुरा हाल , सब ओर बैठा तेरा काल 

हरिशरण में बांका न होगा तेरा बाल ,प्रभु ही कालों के काल।


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा ,जम्मू-कश्मीर 





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