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शनिवार, 5 अप्रैल 2025

सतगुर तेरे दर्शन से

 सतगुर तेरे दर्शन से, भाग्य जाग गए मेरे। 

तेरी एक दृष्टि से,असंख्य पाप कट गए मेरे।

सतगुर अमृत वचनों से तेरे , कर्म कट गए मेरे।

तेरी अपार रहमत से, भवसागर पार हो गए बिना लगाए देरे।

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