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शुक्रवार, 4 अप्रैल 2025

कर्म जो किया मैने

 कर्म जो किया मैने वापिस मुड़कर आता है ,

भुगतान के समय यह पापी मन क्यों घबराता।

कर्म करते समय भुगतान न भूलिए, 

बुराई करते समय कभी न इतना फूलिए।


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला - सांबा, जम्मू-कश्मीर 

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