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रविवार, 6 अप्रैल 2025

कर्म धर्म सब बंधनकारी

 कर्म धर्म सब बंधनकारी ,

 आवागमन से ले सके न उबारी।

शब्द सुरति की कमाई हितकारी, 

सतगुर सीख मन तूं काहे बिसारी।


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

सांबा,  जम्मू-कश्मीर 

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