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शनिवार, 26 अप्रैल 2025

अमृत बेला अमृत बरसे

 अमृत बेला अमृत बरसे, पीजिए सुरत ध्यान ।

धुन सुनकर मन ठहराए, सीख देत सतगुर संत सुजान। 

घट घट हरि बसत ,देखत केवल आत्म ज्ञान। 

सतसंग सेवा सिमरन में, सुख होत दोऊ जहान। 


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा ,जम्मू-कश्मीर 




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