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मंगलवार, 7 जनवरी 2025

सच्ची सरकार

 क्या सिफत करूँ सच्ची सरकार की 

शीश पर जिसके कलगी सुशोभित 

कायनात सारी जिसे बारंबार नमस्कारती 

जिसके हाथ चाबी है सच्चे दरबार की ।

पिता दशमेश तेरे ऊपर अपना रोम रोम बार दूं 

आकर दर्शन दे जा एक बार तूं 

मेरा जीवन मरण अब तूं ही  संवार दे 

दर पर आए को अब अपना प्यार दे।


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला - सांबा , जम्मू-कश्मीर 


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