रिश्तों में अब मिलावट सी आ गई ,
बनावटीपन की आदत, नुमाइश करने वालो को भा गई ।
अहम की भावना , सब ओर छा गई
रिश्तों में दिखावट, दिखावाटियों को भा गई ।
प्रेम, प्यार, स्नेह भाव, कहीं खो गया ,
रिश्ते रिश्ते चिल्लाानेवाला, नकली आंसू रो गया ।
अपनापन प्रेम संबंध, अभिमान अहंकार में समा गया।
सहानुभूति करुणा भाव, मन से गुम सा गया ,
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा ,जम्मू-कश्मीर
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