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बुधवार, 6 दिसंबर 2023

सत्संग का लाभ

 =सत्संग का लाभ 

संगत साधु की मन पाता भाग्य वाला ,

संत कृपा से ही खुलता दसवें दर का दरवाज़ा ,

अंतर की खोज संत सतगुर बताता ,

देही के अंदर ही सारा ब्रह्मांड समाता ,

साधु संगति से आवागमन मिट जाता ,

लोक परलोक सुखमय बनाता ,

सुख दुख उसे छू नहीं पाता ,

 निर्भय होने का भाव साधु-संत ही सिखाता ,

सत्संग का लाभ जान ले मीता ,

 भ्रमजाल में फंसा मन भी जाए जीता ।।


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला - सांबा  , जम्मू-कश्मीर 

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