फ़ॉलोअर

मंगलवार, 15 अगस्त 2023

मन मेरे तेरा निज घर है सतनाम

 #मन मेरे तेरा निज घर है सतनाम 

मन मेरे तेरा निज घर है सतनाम 

सब झूठे है दुनियाभर के काम 

साधुसंगति में मिलता है अमृत नाम 

मन बैठा जाता है करके आराम 

नष्ट कर देता है मन का झूठा मान अभिमान 

परम निर्मल है प्रभु का नाम 

ह्रदय ही बन जाता है प्रभु का धाम 

 स्वरचित एवं मौलिक

 अमरजीत सिंह 

सांबा, जम्मू-कश्मीर 

कोई टिप्पणी नहीं:

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...