#आजादी के दीवाने
भारत की माटी में ऐसी क्या बात है
इस पर मर मिट जाने वालो की कोई खास नहीं जात है
अनेक घाव कैसे तन पर सह जाते है
कुर्बान होने वाले के कैसे ज़ज्बात है
फांसी के फंदे पर हँसते हँसते झूल जाते है
आजादी के दीवाने औरों को जगाते है
प्राण देने से कभी नहीं घबराते है
सबके हौंसलों को हमेशा बढ़ाते है
रंग दे बसंती सदा गाते है
आजादी के दीवाने देश के लिए मौत से भी लड़ जाते है
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
सांबा,जम्मू-कश्मीर
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