#कैसे बदलेगी फुटपाथ की जिंदगी
सिसकती भूख से तड़पती
गर्मी सर्दी को सदा सहती
अभावों से ग्रस्त यह जिंदगी
कैसे बदलेगी फुटपाथ की जिंदगी ।
शिक्षा के अधिकार से वंचित
बड़े बड़े सपनों से रहित
फुटपाथ पर क्षण क्षण रुलती जिंदगी
कैसे बदलेगी फुटपाथ की जिंदगी ।
लोगो की गालियों को सुनती
आंसुओं को पल पल बहाती
निराशाओं से घिरी जिंदगी
कैसे बदलेगी फुटपाथ की जिंदगी।
सरकार के दांवो की पोल खोलती
मुहँ से बेशक न बोलती
सब ओर से निराश यह जिंदगी
कैसे बदलेगी फुटपाथ की जिंदगी।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
सांबा , जम्मू-कश्मीर
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