शीर्षक - गुरु जी ऐसा करो कमाल
गुरु जी ऐसा करो कमाल
मेरा खुला जाए दसवां द्वार
मेरा भवसागर से बेड़ा हो जाए पार
अब तूं ही कर सकता है मेरा उद्धार
तेरी रहमत अपरंपार
मेरे पर कर दें यह उपकार
कब से पड़ा हुआ तेरी द्वारी
अब तूं ही रख लाज हमारी
स्वामी तूं ही कृष्ण मुरारी
तेरी महिमा गाती दुनिया सारी
तूने ही कुरूप कुबिजा क्षण में तारी
सतगुरु तूं ही आता है बनकर हर बार अवतारी ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू - कश्मीर
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