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बुधवार, 7 सितंबर 2022

शिक्षक! शिक्षा का दीप जलाते है

 शीर्षक - शिक्षक! शिक्षा का दीप जलाते है 

शिक्षक ही ब्रह्मा विष्णु महेश है,

वो ही सारी सृष्टि में श्रेष्ठ है।

ज्ञान ही शिक्षक का सशक्त हथियार है 

कभी न होती उसकी हार है ।

शिक्षक ही शिक्षा का दीप जलाते हैं ,

अज्ञान के अंधकार को जीवन से मिटाते हैं।

 अंधकारमय जीवन में ज्ञान प्रकाश  फैलाते हैं,

अपने हर कर्तव्य को जीवन की अंतिम सांस तक निभाते हैं।

शिक्षक ही राष्ट्र का निर्माता है,

अपने कौशल से शिष्य का जीवन सुखमय बनाता है ।

शिष्य के सभी अवगुणों को दूर भगाता है ,

यह करना सिर्फ उसी को आता है । 

शिष्य शिक्षक  के सानिध्य में नया जीवन पाता है,

शिक्षक ही आगे बढ़ते रहने की सही राह दिखाता है।

शिक्षक ईश्वर समान पूजा जाता है, 

लाख कोशिशे करके शिष्य  को कामयाब बनाता है।

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 





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