शीर्षक - चिंता की कोई बात नहीं
जब तक तेरा साथ है
मेरे सिर पर हाथ है
तूं ही मेरे लिए खास है
तेरे हुक्म में ही चलते मेरे श्वास है।
जीवन के पथ पर तूं ही हमें चलाता है
अपनी गलतियों से सीखने की सीख सिखाता है
सबको आगे बढ़ते रहने की हिम्मत तूं ही बढ़ाता है
परिश्रम का जीवन में महत्व अपने आप समझ आता है।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
सांबा, जम्मू कश्मीर
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