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मंगलवार, 26 जुलाई 2022

मुहाफ़िज़

 


#मुहाफ़िज़ (रक्षक)

ऐ मेरे मुहाफ़िज़ मेरी सब खताओं को भूला दो
मेरे मंदिर में अपने नाम की ज्योति तुम जगा दो

स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर

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