फ़ॉलोअर

गुरुवार, 28 जुलाई 2022

तक़रीब ( मौका, अवसर)

तक़रीब 

मनुष्य का जामा भी एक तक़रीब सा लगता 

खुदा की इबादत करने का अवसर इसी में मिलता 

चौरासी लाख योनियां इसी को पाना चाहती है

दिन रात प्रभु के शुभ गीत गाती है‌ 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 



कोई टिप्पणी नहीं:

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...