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रविवार, 19 जून 2022

मैंने सारे सहारे छोड़ दिए एक तेरा सहारा पकड़ लिया

 शीर्षक -मैंने सारे सहारे छोड़ दिए एक तेरा सहारा पकड़ लिया 

मैंने तेरा होना अब स्वीकार किया 

नाम धन से सतगुर तूने मुझे मालामाल किया

मैंने सारे सहारे छोड़ दिए एक तेरा सहारा पकड़ लिया.............. 

संसार की मोह माया को मैंने त्याग दिया 

जीवन में अब सिर्फ तेरा सहारा लिया 

मैंने सारे सहारे छोड़ दिए एक तेरा सहारा पकड़ लिया..............  

दुनिया के रिश्ते नातों को मैंने दिल से भूला दिया

तेरे साथ कभी न‌ टूटने वाला रिश्ता बना लिया

मैंने सारे सहारे छोड़ दिए एक तेरा सहारा पकड़ लिया..............  

मेरे हर अपने  श्वास से  तेरी महिमा को गा लिया

मेरे प्यारे सतगुरु तूने मुझे जीत जी मरना सिखा दिया 

मैंने सारे सहारे छोड़ दिए एक तेरा सहारा पकड़ लिया..............  

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

सांबा, जम्मू कश्मीर




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