शीर्षक- कबीर साहेब का रूहानी उपदेश
कबीर साहेब का रूहानी उपदेश हम सबको सुनाते हैं
मानवता के प्रचारक सद्गुरु कबीर साहेब की वाणी मूल उद्देश्य बताते हैं
कबीर साहेब ने जात पात के नाम पर होने वाले भेदभाव को नकारा है
मानव को हमेशा उसके अच्छे कर्मों ने निखारा है
राम रहीम के नाम पर लड़ने वाले लोगों को कबीर साहेब ने अंधा पुकारा है
कण कण में बसने वाला प्रभु हम सब का पालनहारा है
कबीर प्रभु को वन वन में ढूंढने वाले पाखंड करते हैं
काया के भीतर ही सर्वैश्वर बसते हैं
कबीर धर्म के नाम पर बांटने वाले नास्तिक होते है
आस्था के नाम पर लड़ाई झगड़ा करते हैं
कबीर मीठी वाणी प्रभु को भाती है
तन मन में शीतलता भर जाती है
कबीर ने अपनी भक्ति से ईश्वर को रिझा लिया
सारी सृष्टि को भक्ति भावना से निर्मल बना दिया
ऐसे परम पूज्य संत कबीर साहेब की पावन वाणी सबको जीवन का उद्देश्य बताती है
भक्ति मार्ग पर चलने वालों को ईश्वर का सुमिरन करना सिखाती है।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
सांबा,जम्मू कश्मीर
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