नियति
नियति ने कैसा खेल रचाया
इंसा को इंसा का दुश्मन बनाया
जात -पात का भ्रमजाल फैलाया
सब ओर अज्ञान का अंधकार छाया
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
सांबा, जम्मू कश्मीर
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...
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