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शुक्रवार, 13 मई 2022

नियति

         नियति 


नियति ने कैसा खेल रचाया 
इंसा को इंसा‌ का दुश्मन बनाया 
जात -पात  का भ्रमजाल फैलाया 
सब ओर अज्ञान का अंधकार छाया

स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह 
सांबा, जम्मू कश्मीर


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