इच्छा
मेरी इच्छा प्रभु तेरे चरणों की बन धूल जाऊं
आठों पहर तेरे नाम की महिमा गाऊं
नाम रस का करूं आहार
प्रभु तेरे गुण बेअंत अपरंपार।
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...
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