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रविवार, 1 मई 2022

मजदूर

 शीर्षक  मजदूर

मजदूर ही सर्दी गर्मी को शरीर पर सहता 

मेहनत करने से कभी नहीं डरता 

ईंट पत्थर कंकड़ों को जोड़कर मकान बनाता 

अपनी मेहनत की कमाकर खाता 

ठेकेदार मजदूर का हक का खा जाते 

मजदूर के बच्चे दो पहर की रोटी भी नहीं खा पाते  

अमीर लोग मजदूरों से नफ़रत क्यों करते 

मजदूर की मेहनत से ही अपने  घरों में   पैसा भरते 

मजदूर दिवस हर हम वर्ष मनाते 

लेकिन मजदूर की मजबूरियों को कम नहीं कर पाते 

मजदूर दिवस मनाना तभी सार्थक बन जाता 

मजदूर को भी मेहनत का पूरा फल मिल पाता 

आओ मिलकर मजदूर के हक दिलाते 

अपनी कलम से सरकार को जगाते।


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जिला -  सांबा,  जम्मू कश्मीर



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